उत्तराखंड

आरोप:दबाकर कूटा गया विधानसभा भर्ती मे माल,CBI व ED से जांच की मांग पर अड़ी कांग्रेस,,

ऋषिकेश। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने पार्षदों के साथ आज प्रेस वार्ता कर विधानसभा भर्ती विवाद में हुऐ आर्थिक लेन देन के अंदेशे को देखते हुए जल्द से जल्द सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय की जांच करने की मांग की है।

जयेंद्र रमोला ने कहा कि विधानसभा में बैक डोर की भर्ती को विपक्ष सहित सत्ता पक्ष के लोग भी ग़लत मान रहे हैं परन्तु हमें ये अंदेशा है कि इस भर्ती में कहीं ना कहीं बहुत बड़े स्तर पर आर्थिक लाभ लेने के लिए ये भर्तियाँ की गई है और हमें इस बात का अंदेशा इसलिये है कि पूर्व में हमारे युवा कांग्रेस के साथी अभिनव मलिक ने एक जनवरी 2022 को प्रेस व सोशल मीडिया के माध्यम से इन नियुक्तियों के होने की अग्रिम सूचना दी थी,वह भी नामों को उजागर करके,जबकि भर्ती को वित्तीय संस्तुति 30 मार्च 2022 को वर्तमान वित्तीय मंत्री एवं पूर्व स्पीकर ने दी, जिस पर मुख्य रूप से हम आर्थिक लाभ लेने की बात इसलिये भी कर रहे हैं कि मंत्री व पूर्व स्पीकर के परिवार वालों के नाम चुनाव से कुछ माह पूर्व व चुनाव के कुछ माह बाद करोड़ों रूपये की सम्पत्ति की ख़रीद की गई। कहा कि ऐसी कौन सी लाटरी लगी कि विधानसभा जैसे बड़े चुनाव लड़ने के पूर्व व तुरंत बाद करोड़ों रूपयों की सम्पत्ति से जमीनों की खरीद की गई, कहा कि कहीं ना कहीं यह सम्पत्तियाँ विधानसभा की भर्तियों की एवज़ में ली गई है ।
रमोला ने बताया कि सबसे बड़ी बात ये है कि विवादित खसरा संख्या 279/1 भरत विहार में तत्कालीन उपजिलाधिकारी द्वारा वर्तमान मंत्री अग्रवाल के बेटे को अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया और तो और नगर निगम में भी सम्पत्ति को दर्ज करवाया गया जबकि वर्षों से वहाँ रहने वाले परिवारों को आज तक ये सुविधा नहीं दी गई ये भी जाँच का विषय है।

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मांग है कि हम मंत्री की बर्ख़ास्तगी के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में सीबीआई की जाँच व प्रवर्तन निदेशालय की जाँच हो,ताकि ये भर्ती के दौरान ली गई सम्पत्तियों की निष्पक्ष जाँच हो सके, क्योंकि ये हमारे उत्तराखंड के युवाओं के साथ छल करने का काम किया गया है। कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी से भी माँग करते हैं कि पूर्णत: निष्पक्ष जांच करें और दोषियों पर कार्यवाही करें अन्यथा हमें उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ेंगी।

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प्रेस वार्ता में पार्षद राकेश सिंह, पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, पार्षद शकुन्तला शर्मा, पार्षद भगवान सिंह, पार्षद अजीत सिंह गोल्डी मौजूद रहे।

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